रेशमा के चूतड़ बजा दिए


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Antarvasna, hindi sex kahani: मेरे पापा और मम्मी चाहते थे कि मैं शादी कर लूं लेकिन मैं रेशमा को पसंद करता हूं। रेशमा हमारी कॉलोनी में ही रहती है और मुझे वह बहुत ज्यादा पसंद है परंतु मैंने कभी भी रेशमा से ज्यादा बात ही नहीं की। हम लोगों का परिचय एक दूसरे से तो है लेकिन हम दोनों एक दूसरे को कभी अपने दिल की बात नहीं कह पाए थे शायद यही वजह थी कि मैं किसी और से शादी नहीं करना चाहता था। मैं रेशमा को बहुत पसंद करता हूं रेशमा जब भी शाम के वक्त अपने ऑफिस से लौटा करती तो मैं उसे हमेशा ही देखा करता था। वह भी जब मुझे देखती तो उसे भी बहुत ज्यादा अच्छा लगता था और मुझे भी रेशमा को देखकर काफी अच्छा लगता। समय के साथ अब मुझे भी लगने लगा था कि मुझे रेशमा से अपने दिल की बात कह देनी चाहिए लेकिन रेशमा का परिवार अब हमारे पड़ोस से अपनी प्रॉपर्टी बेचकर दूसरी जगह रहने वाले थे। जब मुझे इस बारे में पता चला तो मुझे काफी बुरा लगा लेकिन अब समय निकल चुका था और मैं चाहता था कि रेशमा से मैं एक दिन अपने दिल की बात कह दूं।

एक दिन मुझे वह मौका मिल ही गया जब रेशमा से मैंने अपने दिल की बात कह दी उस वक्त मैं रेशमा से पार्क में मिला था। उस दिन मैं जल्दी उठ गया था और मैं टहलने के लिए पार्क में चला गया। मैं टहलने के लिए पार्क में गया तो वहां पर मेरी मुलाकात रेशमा से हुई और मैं इस मौके को बिल्कुल भी छोड़ना नहीं चाहता था। मैं चाहता था कि मैं रेशमा से अब अपने दिल की बात कह डालूंगा और मैंने उस दिन रेशमा से बात की। ना जाने उस दिन मेरे अंदर इतनी हिम्मत कहां से आ गई और मैंने रेशमा को अपने दिल की बात कह दी। जब मैंने रेशमा से अपने दिल की बात कही तो उसने मुझसे कुछ नहीं कहा और वह वहां से चली गई। मुझे भी लगा कि शायद यह मेरी तरफ से ही था इसलिए मैं भी इस बात को भूलने लगा था। रेशमा की फैमिली भी अब हमारे पड़ोस में नहीं रहती है और काफी लंबे अरसे तक मेरी रेशमा के साथ कोई भी बात नहीं हुई। ना तो मैं रेशमा से मिल पाया था और ना ही रेशमा मुझसे मिली थी मैंने सोचा कि शायद अब मुझे रेशमा को भूल ही जाना चाहिए और मैंने उसे भूल कर अब आगे बढ़ने का फैसला कर लिया था।

मैं अपनी नौकरी में पूरी तरीके से ध्यान दे रहा था और मेरी जिंदगी में सब कुछ ठीक से चल रहा था। पापा भी अब रिटायर होने वाले थे और वह चाहते थे कि वह अपने रिटायरमेंट की पार्टी रखे इसलिए उन्होंने मुझे सारी जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि बेटा तुम्हें ही सब कुछ संभालना है। मैंने पार्टी का सारा अरेंजमेंट खुद ही किया पार्टी का अरेंजमेंट हो चुका था और हमारे काफी रिश्तेदार भी उस पार्टी में आए हुए थे। पापा भी बहुत ज्यादा खुश थे जिस तरीके से हम लोगों ने पार्टी का अरेंजमेंट किया था उससे पापा बड़े ही खुश थे। पापा अपने रिटायरमेंट के बाद ज्यादातर समय घर पर ही रहा करते थे और मुझे भी बहुत ज्यादा अच्छा लगता जब भी मैं अपनी फैमिली के साथ में होता हूं। एक दिन हम लोगों ने साथ में घूमने का फैसला किया और उस दिन पापा और मम्मी के साथ मैं शॉपिंग करने के लिए चला गया। पापा ने मुझसे कहा था कि बेटा आज हम लोग कहीं शॉपिंग करने के लिए चलते हैं तो मैं उस दिन पापा मम्मी के साथ गया और इत्तेफाकन उस दिन मेरी मुलाकात रेशमा के साथ में हो गई।

जब मेरी मुलाकात रेशमा से हुई तो मेरी उससे ज्यादा बात नहीं हुई और वह वहां से चली गई लेकिन मैं रेशमा के बारे में सोच रहा था और उस रात मेरी आंखों से नींद गायब थी। मैं यही सोच रहा था कि क्या उस दिन मैंने यह सही किया मुझे रेशमा को अपने दिल की बात कहनी चाहिए थी या नहीं। यह मेरे दिमाग में घूम रहा था और मुझे उस रात नींद ही नहीं आ रही थी मैं बहुत ही ज्यादा परेशान था। जिस तरीके से मैं और रेशमा एक दूसरे को मिले थे उससे मैं बहुत ही ज्यादा परेशान हो गया था। अगले दिन मुझे अपने ऑफिस भी जाना था और मैं सुबह जल्दी तैयार होकर नाश्ता कर के अपने ऑफिस के लिए निकल गया। जब मैं ऑफिस के लिए गया तो उस दिन मुझे बहुत ही ज्यादा काम था और मैं ऑफिस में ही था। जब मैं ऑफिस से उस दिन घर के लिए लौट रहा था तो मुझे रास्ते में रेशमा मिली और रेशमा ने मुझसे बात की।

मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि उससे मेरी बात हो भी पाएगी या नहीं लेकिन मेरे लिए यह उस वक्त किसी भी खुशी से कम नहीं था। मैंने रेशमा से बात की और रेशमा मेरे साथ में कुछ समय बिताना चाहती थी हम दोनों कॉफी शॉप में चले गए और वहां पर हम दोनों ने काफी देर तक एक दूसरे से बातें की। हालांकि रेशमा ने हीं मुझसे उस दिन के बारे में कोई भी बात नहीं की और हम दोनों करीब दो घंटे तक साथ में रहे और फिर रेशमा वहां से चली गई। रेशमा वहां से तो जा चुकी थी लेकिन मुझे इस बात की खुशी थी कि मैंने रेशमा से अपने दिल की बात कह दी थी और मैं बहुत ही ज्यादा खुश था। समय के साथ-साथ अब हम दोनों एक दूसरे के बहुत ज्यादा करीब आते जा रहे थे और हम दोनों एक दूसरे को बहुत चाहने लगे थे। यही वजह थी कि रेशमा और मैं एक दूसरे से प्यार करने लगे थे और हम दोनों एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी रह नहीं पाते थे।

जब भी मुझे रेशमा की जरूरत होती तो वह हमेशा ही मेरे साथ खड़ी नजर आती और मुझे भी इस बात की बहुत ज्यादा खुशी थी कि रेशमा मुझे बहुत ज्यादा प्यार करती है। हम दोनों का प्यार दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा था और मेरे लिए यह बड़ी खुशी की बात थी जिस तरीके से रेशमा और मैं एक दूसरे को प्यार करते हैं और एक दूसरे के साथ में हम दोनों समय बिताते हैं। मैं इस बात से बड़ा ही खुश था और रेशमा भी बहुत ज्यादा खुश थी जिस तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे के साथ में समय बिताया था और एक दूसरे को हम लोग बहुत ही अच्छी तरीके से समझने लगे थे। रेशमा और मेरा रिलेशन अच्छे से चल रहा था। हम दोनों अब सेक्स के लिए तडपने लगे थे। जब पहली बार हमारे बीच सेक्स हुआ तो मैं काफी ज्यादा खुश था और रेशमा को भी मेरे साथ सेक्स करने मैं बहुत ही मजा आया था। मैने रेशमा को अपने घर पर बुलाया था वह घर पर आ गई थी। हम दोनो की रजामंदी से हमारे बीच सेक्स हुआ था। हम। दोनो साथ मे थे। हम दोनो साथ मे लेटे थे। मैं रेशमा से चिपकने लगा था।

उसने मेरी गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा दिया था मैं बिल्कुल भी अपने आपको रोक नहीं पा रहा था। रेशमा ने मेरे मोटे लंड से पानी बाहर निकाल कर रख दिया था मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था। मैंने रेशमा से कहा मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा जा रहा है। रेशमा और मैं एक दूसरे की गर्मी को बिल्कुल भी झेल नहीं पा रहे थे। जब मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया तो वह गर्म होने लगी और उसकी योनि से पानी बाहर की तरफ को निकलने लगा था। उसकी चूत से निकलता हुआ पानी देख मै अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहा था और मैंने उसे कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। वह मुझे कहने लगी मेरी गर्मी को तुमने पूरी तरीके से बढा कर रख दिया है। हम दोनों बहुत ज्यादा गर्म होने लगे थे जैसे ही मैंने रेशमा की चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो वह खुश हो गई। वह मुझे कहने लगी तुम मुझे और तेजी से धक्के दो। मेरा लंड उसकी चूत की दीवार से टकराने लगा था। जब मैं उसे धक्के देने लगा तो वह भी खुश होने लगी थी और मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था जिस तरीके से मै और वह एक दूसरे का साथ दे रहे थे।

हम दोनों एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स का मजा ले रहे थे मैं रेशमा को बड़े ही अच्छे तरीके से चोद रहा था। मुझे मजा आ रहा था मैं रेशमा को बड़े ही अच्छे तरीके से चोद रहा था और रेशमा भी बहुत ज्यादा खुश थी जिस तरीके से मै और रेशमा एक दूसरे के साथ में सेक्स संबंध बना रहे थे। हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया था। मेरी और रेशमा की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। अब हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को बढा कर रख दिया था। हम दोनों को ही मजा आने लगा था जिस तरीके से मैंने रेशमा की चूत के अंदर अपने माल को गिराया उस से रेशमा बहुत ज्यादा खुश हो गई थी और वह मेरे लंड को चूसने लगी थी। मेरे लंड पर लगे वीर्य को उसने अपने अंदर ही निगल लिया था उसके बाद मैंने उसकी योनि को साफ करते हुए दोबारा उसे चोदने का फैसला किया। जब मैं रेशमा को चोदने लगा तो मुझे मजा आने लगा था जिस तरीके से हम दोनो एक दूसरे के साथ सेक्स संबंध बना रहे थे।

उससे हम दोनों को ही मजा आने लगा था और मैं रेशमा के साथ जमकर सेक्स के मज़े ले रहा था और रेशमा भी मुझसे अपनी चूतडो को मिलाए जा रही थी। रेशमा की चूतड़ों को मैंने अपनी तरफ किया हुआ था और मैं उससे बहुत ही तेज गति से धक्के मार रहा था जिस तरीके से मैंने उसे धक्के दिए जा रहा था उससे वह बिल्कुल भी बर्दाश्त ना कर सकी और मुझे कहने लगी मेरी चूत में तुम अपने माल को गिरा दो। मैंने रेशमा की योनि में अपने माल को गिरा दिया और जैसे ही मैंने अपने माल को रेशमा की योनि में गिराया तो वह खुश हो गई और मुझे कहने लगी मुझे बड़ा ही अच्छा लगा है जिस तरीके से तुमने मेरी चूत की गर्मी को शांत कर दिया है।

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