पारुल से मिल के रहा नही गया


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Antarvasna, hindi sex story: मैं अपने दोस्त अमित के बर्थडे पार्टी के लिए तैयार होकर अपने घर से निकला। मैं जैसे ही अपनी कार में बैठा तभी मेरे दोस्त नितिन का फोन आया और वह मुझे कहने लगा कि क्या तुम मुझे लेने के लिए मेरे घर पर आ जाओगे। मैंने नितिन को कहा कि ठीक है मैं तुम्हारे घर पर थोड़ी देर में ही पहुंचता हूं और मैं थोड़ी देर बाद नितिन के घर पर पहुंच गया। जब मैं नितिन के घर पर गया तो नितिन तैयार हो रहा था नितिन ने मुझे कहा कि तुम थोड़ी देर बैठो मैं अभी बस तैयार हो जाता हूं। मैं बैठक में बैठा हुआ था और मैं अपने मोबाइल को टटोल रहा था। 15 मिनट हो चुके थे लेकिन अभी भी नितिन तैयार नहीं हुआ था। जब नितिन तैयार हुआ तो नितिन मुझे कहने लगा कि चलो मोहन हम लोग चलते हैं और फिर हम दोनों अमित के बर्थडे पार्टी में चले गए। जब हम लोग अमित के बर्थडे पार्टी में पहुंचे तो वहां पर काफी ज्यादा भीड़ थी।

मैंने अमित को उसके जन्मदिन की बधाई दी और नितिन ने भी अमित को उसके जन्मदिन की बधाई दी। हम दोनों ने अमित को उसके जन्मदिन की बधाई देने के बाद अपने कुछ पुराने दोस्तों से मिले। जब हम लोग अपने पुराने दोस्तों से मिले तो हम लोगों को अच्छा लगा। उस दिन अमित की बर्थडे पार्टी में हम लोगों ने खूब इंजॉय किया और अपने पुराने दोस्तों से मिलकर भी हमे अच्छा लगा। हम लोग बड़े ही खुश थे जिस तरीके से हम लोग अपने दोस्तों से मिले थे। एक दिन मैं और अमित जब एक दूसरे को मिले तो उस दिन मैंने अमित को कहा कि क्या आज हम लोग नितिन को मिलने के लिए चलें तो अमित ने मुझे कहा कि ठीक है। हम लोग उस दिन नितिन को मिलने के लिए उसकी शॉप में चले गए।

नितिन के पिताजी का गारमेंट का बिजनेस है और नितिन भी अपने पापा के काम को संभापारुल है। जब हम लोग नितिन की शॉप में गए तो नितिन हम दोनों को देखकर बड़ा ही खुश हुआ वह कहने लगा कि आज तुम लोग मुझसे मिलने के लिए आए मुझे बहुत ही अच्छा लगा। हम लोग नितिन के साथ बैठकर बातें कर रहे थे तो नितिन की दुकान में काम करने वाले लड़के से कहा कि हम लोगों के लिए वह चाय ले आए और थोड़ी ही देर बाद वह हम लोगों के लिए चाय ले आया। हम लोगों ने चाय पी और थोड़ी देर तक हम लोग नितिन के साथ बैठे रहे फिर हम लोग वहां से चले गए। मैं और अमित अकेले बोर हो रहे थे तो हम दोनों ने सोचा कि क्यों ना हम लोग मूवी देखने के लिए चलें। हम दोनों उस दिन मूवी देखने के लिए चले गए, मूवी देखने के बाद हम दोनों वहां से वापस अपने घर लौट आए थे। कॉलेज की पढ़ाई पूरी हो जाने के बाद मैं घर पर ही रहता लेकिन अब मुझे भी लगने लगा था कि मुझे कुछ करना चाहिए। हमारे घर की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत है लेकिन उसके बावजूद भी मैं जॉब करना चाहता था।

मैं घर पर अकेले बोर हो जाया करता था जिस वजह से मुझे लगता कि मुझे कहीं नौकरी करनी चाहिए और मैं अब नौकरी करना चाहता था। मैंने जब इस बारे में अपने पापा से बात की तो वह मुझे कहने लगे कि लेकिन बेटा तुम्हें नौकरी करने की क्या जरूरत है तुम मेरी कंपनी में काम क्यों नहीं संभाल लेते। मैंने पापा से कहा कि पापा मैं अभी आपकी कंपनी में काम संभालने के लिए तैयार नहीं हूं मुझे थोड़ा वक्त चाहिए। मैंने अब जॉब करने का फैसला कर लिया था मैं एक कंपनी में जॉब करने लगा और जब मेरा पहला दिन था तो उस दिन मुझे काफी अच्छा लगा। पहले दिन ही मेरी ऑफिस में काफी लोगों से दोस्ती हो गई थी। मैं बड़ा खुश था जिस तरीके से मैं अपनी जॉब कर रहा था और मेरे काफी दोस्त भी बनने लगे थे। जिस ऑफिस में मैं जॉब करता हूं उस ऑफिस में पारुल भी जॉब करती है पारुल और मैं एक दूसरे से बात नहीं करते थे लेकिन हम दोनों एक दूसरे को अक्सर देखा करते। जब भी मैं पारुल की आंखों में देखता तो मुझे ऐसा लगता कि जैसे वह भी मुझसे प्यार करती है। कहीं ना कहीं उसके दिल में मेरे लिए कुछ तो चल रहा था और मैं चाहता था कि मैं पारुल से बात करूं। एक दिन लंच टाइम में हम दोनों साथ में बैठे हुए थे जब हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो मैं पारुल की आंखों में देख रहा था और मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था।

मैं पारुल की आंखों में देखकर अपने प्यार का इजहार पारुल से करना चाहता था। मैंने पारुल को अपने प्यार का इजहार कर दिया था जब मैंने पारुल से अपने दिल की बात कही तो वह बड़ी ही खुश थी और मैं भी बहुत ज्यादा खुश था जिस तरीके से हम दोनों का रिलेशन एक दूसरे के साथ चल रहा था। हम एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश किया करते। जब भी मैं और पारुल साथ में होते तो हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगता। पारुल को भी बहुत ज्यादा अच्छा लगता था जब वह मेरे साथ होती और हम दोनों अक्ज़र साथ मे समय बिताया करते। मैं चाहता था कि मैं पापा के बिजनेस को संभाल लूं और अब मैं पापा के बिजनेस को संभालने के लिए तैयार था। मैंने पापा के बिजनेस को संभाल लिया था पापा भी इस बात से बड़े खुश थे और मैं पूरी मेहनत के साथ काम कर रहा था। पारुल और मेरे बीच बहुत ही ज्यादा प्यार है हम दोनों एक दूसरे को हर रोज मिलते हैं। एक दूसरे से जब भी हम दोनों बात करते तो हमें बहुत अच्छा लगता। मैं और पारुल जब भी एक दूसरे को नहीं मिलते तो हम दोनों को बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता। मैं सोचता कि मैं और पारुल एक दूसरे से बाते ही करते रहे।

मैं पारुल को अक्सर फोन कर दिया करता मैं पारुल के बिना बिल्कुल भी नहीं रह पाता था ना ही पारुल मेरे बिना रह पाती थी इसीलिए तो हम दोनों की नजदीकियां और भी ज्यादा बढ़ती जा रही थी। पारुल चाहती थी कि हम दोनों अब शादी कर ले लेकिन मैं शादी के लिए तैयार नहीं था। कई बार पारुल और मेरे बीच इस बात को लेकर झगड़े हो जाया करते थे लेकिन पारुल और मेरा रिलेशन अच्छा चल रहा है। हम दोनों के जब भी झगड़े होते तो उसके बाद हम दोनों एक दूसरे से बात कर के बहुत ही खुश रहते और हमारी जिंदगी में अब सब कुछ अच्छे से चल रहा है। मैं और पारुल एक दूसरे के साथ बहुत ही खुश हैं हम दोनों एक दूसरे के साथ अपने रिलेशन को इंजॉय कर रहे हैं और हमारी जिंदगी बड़े ही अच्छे से चल रही है। मैं एक दिन पारुल को मिला और जब हम दोनों एक दूसरे से मिले तो उस दिन पारुल और मैं साथ में बैठे हुए थे हम दोनों ने उस दिन काफी देर तक साथ में समय बिताया और फिर मैंने पारुल को भी उसके घर पर छोड़ दिया था। पारुल और मेरा मिलना तो होता ही रहता था एक दिन हम दोनों ने फोन पर एक दूसरे से बातें की। मैंने जब उस दिन पहली बार पारुल का फिगर उससे पूछा तो वह थोड़ा शर्मा जरूर रही थी लेकिन उसने मुझे अपने फिगर का साइज बता दिया था।

उसके बाद हम लोग एक दूसरे के साथ में सेक्स करने के लिए तड़पने लगे थे। मैं चाहता था मैं पारुल के साथ सेक्स के मजे लूं पारुल भी यही चाहती थी। जब पारुल ने मुझसे कहा मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है तो हम दोनों एक दूसरे को मिले। जब हम दोनों एक दूसरे को मिले तो हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तड़पने लगे थे और हमारी तडप इतनी ज्यादा बढ़ने लगी थी हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। हम दोनों एक दूसरे की बाहों में आने के लिए तड़प रहे थे। मैंने पारुल के होंठों को चूमना शुरू किया।

मैं पारुल के नरम होठों को चूम रहा था जिससे वह बहुत गरम हो रही थी। अब पारुल की चूत से पानी निकलने लगा था वह अपने पैरों को आपस में मिलाने लगी थी। मैं समझ चुका था वह रह नहीं पाएगी इसलिए मैंने पारुल के कपड़ों को उतारा तो वह पूरी तरीके से गर्म हो चुकी थी। मैं उसके बदन को महसूस करने लगा था। मैं उसके नरम बदन को महसूस करने लगा था मैंने उसकी ब्रा को उतारकर किनारे रखा तो मुझे उसके स्तनों को चूसने में मजा आने लगा था। मुझे पारुल के स्तनों को चूसने में बहुत ही मजा आता जब मैं उसके स्तनों को चूस रहा था उससे वह बहुत ज्यादा गर्म हो रही थी। अब हम दोनों की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी।

मैंने पारुल की पैंटी को उतारते हुए उसकी चूत को सहलाना शुरु किया। मैं जब उसकी पैंटी को उतार कर उसकी चूत को सहला रहा था तो वह पूरी तरीके से मजे में आ चुकी थी। हम दोनों की गर्मी बढ़ने लगी थी मैंने उसकी चूत मे लंड को घुसा दिया। जैसे ही मैंने पारुल की चूत मे लंड को डाला तो वह बहुत जोर से चिल्ला कर मुझे कहने लगी मेरी चूत से खून निकलने लगा है। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उसकी योनि के अंदर बाहर लंड को किए जा रहा था।

मेरा लंड बड़े ही आसानी से उसकी चूत के अंदर बाहर होता मुझे बहुत ही मजा आता हम दोनों पूरी तरीके से गर्म होते जा रहे थे। करीब 5 मिनट तक मैं पारुल को धक्के मारता रहा लेकिन मुझे एहसास होने लगा था मैं ज्यादा देर तक उसकी टाइट चूत का मजा नहीं ले पाऊंगा। पारुल की चूत से खून भी निकल रहा था उसकी चूत की गर्मी को झेल पाना मुश्किल था उसने मुझे अपने दोनों पैरों के बीच में जकड लिया था जब उसने मुझे अपने पैरों के बीच में जकडा तो मैं बिल्कुल भी रह ना सका और मेरा वीर्य पारुल की चूत मे गिरने को था। जैसे ही मेरा वीर्य पारुल की चूत मे गिरा तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा और पारुल भी बहुत ज्यादा खुश थी। हम दोनों के बीच उस दिन के बाद अक्सर सेक्स संबंध बनते ही रहते हैं और हम दोनों को बहुत खुशी थी हम दोनो एक दूसरे के साथ अच्छे से सेक्स का मजा लेते हैं।

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