मुझसे क्यों शर्मा रही है?-1


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hindi sex kahani: हाय फ्रेंड मुझे आशा है की आपको मेरी रियल लाइफ की स्टोरी अच्छी लग रही होंगी पहले में न्यू रीडर्स को बता दूँ की मेरा नाम अमित है और मेरी उम्र 19 साल है और मेरा लंड 7 इंच लंबा और 5 इंच चौड़ा है मुझे सेक्स करना बहुत अच्छा लगता है.

अब में आपको वो बात बता दूँ जो मेरे साथ तब हुई जब मे 10 वी क्लास मे था मेरी क्लास मे एक लड़की थी उसका नाम कोमल था वो देखने मे बहुत सुन्दर थी उसके बोबे छोटे छोटे थे उसकी कमर एकदम ज़ीरो साइज़ की थी जैसे किसी फिल्म की हिरोईन हो बाल लंबे उसकी आँखे इतनी नशीली थी की जब भी मे उससे बात करता था तो उसमे खो जाता था वो अपनी स्कर्ट की लम्बाई छोटी रखती थी उसकी स्कर्ट घुटने से 3 इंच उपर रहती थी वो चलती ऐसे थी की जैसे मोडलिंग कर रही हो वो मुझे बहुत पसंद थी मुझसे खुल कर बातें किया करती थी हम अच्छे फ्रेंड्स थे क्योकि में एक दिल्ली के एक अच्छे पब्लिक स्कूल मे था वहाँ सारे बच्चे खुले दिमाग के होते थे और किसी से भी सेक्स जैसी बातें करो तो कोई फर्क नही पड़ता था हमारी टीचर्स भी हमसे खुली हुई थी और कहती थी की यही उम्र होती है मौज मस्ती करने की पर साथ साथ मे पढाई पर भी ध्यान देना चाहिये वरना करियर की बैंड बज जायेगी हम सब मस्त रहते थे और पढाई मे भी अच्छे थे.

कोमल थोड़ी शर्माती थी ऐसी बातें करने मे हमारी साइन्स की बुक मे एक चैप्टर था रेप्रोडूसेशन हमारी टीचर पढ़ा रही थी क्लास मे तो उन्होने कहा की चिल्ड्रन आर बोर्न बाई सेक्सयुल इंटरकोर्स इन हुमैन्स टीचर उस चेप्टर में पुरुष और महिलाओं के स्पर्मं और एग के बारे में बता रही थी और कोमल उस दिन मेरे साथ बैठी थी उसे कुछ समझ मे नही आ रहा था उसने मुझसे पूछा की यह स्पर्म और एग क्या होता है मेने उससे कहा की टीचर पढ़ा रही है उससे ही पूछ ले उसने कहा की उसे शर्म आती है पूछने मे मेने उसे कहा की कैसी शर्म पूछ के तो देख उसने नही पूछा और वो पढ़ने लगी उसने मुझसे कहा की तू बता दे ना मुझे.

मेने उसे मज़ाक मज़ाक में बोला की स्पर्म देखेगी? उसने बिना किसी देरी के कह दिया हाँ बिल्कुल देखना चाहती हूँ मेरी तो खुशी का ठिकाना ही नही था आज एक और चूत मिलने वाली थी मेने उसे कहा की “स्कूल के बाद क्लास मे आ जाना में तुझे स्पर्म दिखा दूँगा वो बहुत ही भोली थी वो मान गयी स्कूल 1:30 दोपहर में खत्म हो गया.

मे क्लास मे बैठा हुआ अपनी कोमल का इंतज़ार कर रहा था मुझसे रहा नही जा रहा था मेने अपना लंड निकाला और एक बार मूठ मार लिया और सारा वीर्य ज़मीन पर गिरा दिया मे शांत होकर बैठ गया वो 10 मिनिट बाद आ गई मेने उसे अपने साथ बिठाया और बाते करने लग़ा वो ज़िद करने लगी की उसे स्पर्म देखना है मेने अपनी पेन्ट खोली और वो कहने लगी की यह क्या कर रहा है तू मेने कहा तुझे स्पर्म देखना है की नही उसने कहा “हाँ” मेने फिर अपनी चड्डी नीचे की और उसे कहा की इसी से स्पर्म निकलता है वो शर्मा रही थी मेने उसे कहा की शर्मा क्यों रही है हम पढाई ही तो कर रहे है यह प्रेक्टिकल है लंड सूखा हुआ था क्योंकी मेने एक बार मूठ मारा था मेने उसे कहा की इसे पेनिस कहते है साइन्स की भाषा मे और अपनी हिन्दी भाषा मे लंड वो कहने लगी की लंड तो गली होती है मेने उसे कहा की आजकल लोग इसे गली की तरह ही प्रयोग करते है पर ऐसा नही है लंड पूरा सूखा हुआ था वो कहने लगी की यह तो छोटा है.

उस समय लंड करीब 2 इंच का हो रहा था क्योकी वो सूखा हुआ था मेने उसे कहा की इसे अपने हाथ मे पकड़ उसने अपना हाथ आगे बड़ाया और लंड को पकड़ लिया उसके हाथ उसके नाम की तरह ही बहुत कोमल थे इतने सॉफ्ट हाथ थे उसके की मानो गुलाब की पंखुड़िया लंड पकड़ रही हो मेने उसे लंड हिलाने को कहा उसने हिलाना शुरू किया थोड़ी देर हिलाने के बाद भी लंड खड़ा नही हुआ था मेने उसे कहा की लंड को अपने मुँह मे लेकर चूस उसने कहा यह तो गंदा होता है मेने उसे कहा की हट पगली कौन कहता है? उसे मेने फिर से कहा की मुँह मे ले उसने मुझे कहा की उसे इसका टेस्ट अच्छा नही लगा तो मेने उसे कहा की अगर अच्छा नही लगे तो बस हिला लेना उसने अपना मुँह खोला और लंड का सुपडा मुँह मे ले लिया जैसे ही उसने अपनी जीभ मेरे सुपडे से टच की तुरन्त ही मेरे बदन मे एक सिहरन सी दौड़ गयी मेरे मुँह से ”अहहहह” की आवाज़ निकल गयी उसे लगा की मुझे दर्द हो रहा है.

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