हाय क्या बूब्स थे रूपा के-1


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desi kahani: मेरी ज़िंदगी मैं कितने उतार चढ़ाव आये और गये पता नही अब और कितने आयेगे. मैं रूपेश इनवेस्टमेंट ब्रोकर का काम करता हूँ मुंबई में मेरी उम्र 37 साल है मेरी पत्नी का एक रोड़ एक्सीडेंट में 2 साल पहले निधन हो गया है तब से मैं अकेला अपना जीवन काट रहा हूँ घर तो मैं सिर्फ़ सोने के लिये जाता हूँ अदर वाइज़ ज्यादातर टाइम मेरा ऑफीस ओर दोस्तों मैं ही निकल जाता है बीच– बीच मैं कई ऑफर भी आये मेरी शादी के लिये लेकिन कुछ मुझे पसंद नही आई और कुछ बन नही पाई और फेमिली मैं मेरी एक छोटी बहन है जो शादीशुदा है चेन्नई मैं उसने लव मेरिज की अपने बॉयफ्रेंड से वो इस शादी से बहुत खुश है और वो चेन्नई में ही सेटल हो गये शादी के बाद कुछ दिन पहले ही उसका फोन आया था तब पता लगा था की वो प्रेग्नेट है अब वैसे भी मेरी लाइफ मैं कोई ज़्यादा इंटरेस्टिंग बचा नही था.

एक दिन रात को मेरे को चेन्नई से फोन आया और मुझे किसी ने बताया की मेरी बहन के पति का एक्सिडेंट हो गया है मैं तुरंत रात मैं ही फ़्लाइट पकड़ के चेन्नई भागा वहा जैसा होता है मुझे बताया एक्सिडेंट का था लेकिन यहाँ उसका निधन हो गया था मेरा सर फटा जा रहा था अब समझ मैं नहीं आ रहा था मेरी बहन का क्या होगा मैं कुछ दिन वहाँ रहा अपनी बहनरूपा को संभाला वो अभी केवल 22 साल की थी इस उम्र मैं वो विधवा हो गयी थीमैने उसे समझाया और कहा कुछ दिनो बाद जब मन करे तो मेरे पास घूमने आ जाना और मैने ज़्यादा इस समय कहना सही नहीं समझा और वापस आ कर फिर मैं अपने ऑफीस और काम मैं बिज़ी हो गया.

एक दिन मेरे पास रूपा का फोन आया भैया मेरे को बचायो ये लोग मेरे को जान से मारने की कोशिश कर रहे हैं मैने कहा अपने आप को संभालो मैं अभी निकल रहा हूँ और जल्दी से जल्दीचेन्नई पहुँच रहा हूँ मैने अपने कुछ चेन्नई के दोस्तों से बात की और तुरंत वहाँ पहुँचने के लिये कहा और मैं पहली फ्लाइट पकड़ के चेन्नई पहुँच गया वहाँ जा कर पता चला उसके सास-ससुर मेरी बहन से बहुत खराब व्यहार कर रहे थे.

असली मैं सारी लड़ाई की जड़ मेरे बिल की इंश्योरेंस और पी.एफ के पैसे थे वो लोग उसे हड़पना चाहते थे मैं सारा माज़रा समझ गया और वो मेरी बहन को बदचलन भी कह रहे थे मैने अगले दिन उसके पी.एफ ऑफीस और इंश्योरेंस कंपनी में गया और सारे अमाउंट का चेक अपनी बहन के नाम से बनवा लाया और मैने रूपा से कहा अब तू यहाँ से चल उसके सास ससुर को ठेंगा दिखा कर हम मुंबई आ गये पी.एफ और इंश्योरेंस का अमाउंट कोई 1.5 करोड़ था वो मैने रूपा के नाम से बैंक मैं फिक्स कर दिया अब रूपा मेरे साथ ही मेरे फ्लेट मैं रहने लगी रूपा सात महीने से प्रेग्नेंट थी मैं उसे डॉक्टर के पास ले गया उसने बताया की प्रेग्नेंसी मैं प्रोब्लम होगीऔर हो सकता है ऑपरेशन से डिलेवरी हो क्योंकी पेट मैं बच्चा उल्टा है और बहुत कमज़ोर है पिछले कुछ महीनो मैं जो उस पर प्रोब्लम आई इसकी वजह से उसकी ये हालत हो रही थी.

मैने डॉक्टर से कहा आप बेस्ट इलाज़ कीजिये बाकी भगवान मालिक है हमारी कंपनी मैं मेडीकल क्लेम पॉलिसी है जिसमें अपनी फेमिली का कोई भी हॉस्पिटलाइजेशन फायदा ले सकता है मैने रूपा से पूछा की अगर मैं वो पेपर उसे स्पाउस दिखा दूँ तो हमें हॉस्पिटलाइज़ेशन और सारे खर्चे बच जायेगें और हम इलाज़ भी अच्छे से अच्छे हॉस्पिटल मैं करवा लेंगे रूपा बोली इसमें क्या प्रोब्लम है अच्छा है लाखो रुपये बच जायेगे मैने वैसा ही किया और अपनी मेडिकल क्लेम पॉलिसी मैं उसे मेरी पत्नी रजिस्टर्ड करवा लिया एक दिन रूपा की रात मैं अचानक तबीयत खराब होने लगी.

मैं उसे तुरंत हॉस्पिटल ले कर भागा वहाँ डॉक्टर बोले तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा प्रिमेच्यूर बेबी है कुछ भी नहीं कहा जा सकता माँ और बच्चे की जान ख़तरे मैं है डॉक्टर ने तुरंत ऑपरेशन चालू कर दिया ऑपरेशन के बाद रूपा ने एक लड़के को जन्म दिया लेकिन बच्चा बहुत कमज़ोर था वो 2-3 दिन ज़िंदा रहा और फिर उसकी डेथ हो गयी रूपा का रो- रो कर बुरा हाल था वो कुछ दिन हॉस्पिटल मैं रही और फिर मैं उसे घर ले कर आ गया कोई 2 हफ्ते मैं उसकी तबीयत नॉर्मल हो गयी लेकिन दवाई चल रही थी उसने धीरे धीरे घर को संभाल लिया अभी उसकी तबीयत पूरी तरह से अच्छी नही हुई थी उसने मुझे अपने सीने मैं बहुत दर्द बताया मैं उसे सुबह ही ऑफीस जाने से पहले उसे डॉक्टर के पास ले गया डॉक्टर उसे चेकअप रूम मैं ले गया और वापस आकर बोला आप अपनी पत्नी का बिल्कुल ध्यान नहीं रखते. मैं? क्या हुआ डॉक्टर साहब उसने रूपा से पूछा क्या आपने इन्हे नहीं बताया.

रूपा थोड़ी शरमाते हुये बोली इन्हे कुछ नहीं पता डॉक्टर अरे ये कैसे संभव है डॉक्टर बोला मिस्टर रूपेश आपकी पत्नी के अभी जो बच्चा हुआ था और वो अब नहीं रहा है अब इनकी बॉडी मैं दूध बन रहा है अब बच्चा तो रहा नहीं वो दूध जमा हो रहा है और इनके ब्रेस्ट मैं ब्रेस्ट केन्सर का खतरा है मैं एकदम से घबरा गया तो डॉक्टर इसका इलाज़ क्या है ब्रेस्ट से ये दूध कोई मशीन नहीं निकाल सकती हम इसे मेडिसिन से सूखा सकते हैं लेकिन आपको ये दूध सक करके निकालना होगा मेरी समझ मैं कुछ नही आ रहा था मैं क्या रियेक्ट करूँ मैने अजीब सी नज़रों से रूपा की तरफ देखा वो भी चुप थी हमारी बड़ी अजीब सी स्थिति हो गयी थी फिर डॉक्टर बोला अन्दर आइये मैं आपको समझाता हूँ उसने रूपा को लेटने को कहा और नर्स से बोला इनका ब्लाउज ओपन करो मेरा बुरा हाल था समझ मैं नहीं आ रहा था क्या करूँ नर्स ने रूपा का ब्लाउज और ब्रा खोल दी हाय क्या बूब्स थे रूपा के पर्फेक्ट गोल-गोल और बड़े बड़े नारियल के साइज़ के उसके बूब्स देख कर मेरा लंड मेरी पेन्ट में खड़ा हो गया.

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