हाय क्या बूब्स थे रूपा के-3


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sex stories in hindi: अब हम दोनों को ओपन मैं थोडा आराम मिल गया और फिर मैं उसकी चूचीयों पर झुक गया और दूध पीना चालू कर दिया हाय क्या मज़ा आ रहा था रूपा भी उतेज़ना से अपने पैर से पैर रग़ड रही थी मेरा लंड तन के लोहे की रोड बन चुका था मैने धोती पहनी हुई थी और उपर से मेरा भी गठीला बदन नंगा था में एक हाथ से उसकी चूचीयां सहला रहा था और एक से उन्हें सक कर रहा था हाय क्या कयामत का सीन था मेरी बहन के दोनो मस्त चूचीयां मेरे होठ लगने से उनकी निपल तन गयी थी जो ये साबित कर रही थी की रूपा भी अन्दर से चुदासी हो रही थी लेकिन वो नारी लज़्ज़ा के कारण कह नहीं पा रही थी और मैं जिसने तीन साल से औरत को हाथ नहीं लगाया हो मेरी क्या हालत हुई होगी आप लोग समझ सकते हैं.

मैं कोई दस मिनिट तक उसका दूध पीता रहा कोई एक कप दूध तो मैं पी चुका होगा मेरा लंड बार- बार फूँकार मार रहा था अब मेंरी सहन शक्ति जबाब देने जा रही थी मैंने दूध पीते-पीते अपना हाथ बढ़ाया और रूपा की साड़ी पेटिकोट से निकाल दी और उसके पेटीकोट का नाडा खोलने लगा रूपा ने मेरा हाथ पकड़ लिया प्लीज़ भैया ऐसा मत करो मैं आपकी बहन हूँ मैने कहा प्लीज रूपा मान जा तू मेरी हालत देख मैं कितना तड़प रहा हूँ. नही भैया यह पाप है आप प्लीज़ मुझे छोड़ दो मैं दूसरे रूम मैं जा कर सो जाउंगी मुझे लगा कहीं रूपा यहाँ से चली नहीं जाये मैने उस पर अपनी टाँगें रख दी और उसे अपने वजन से दबा लिया वो मेरे नीचे झटपटा रही थी फिर मैने अपना होठ उसके खड़े हुये निपल पर लगा दिया और उसकी चूचीयां चूसना चालू कर दिया बीच– बीच मैं उसे चूमने की कोशिश कर रहा था.

उसने अपना मुहँ फेर लिया वो रोने लगी और गिड़गिडाते हुये बोली भैया प्लीज़ मुझे छोड़ दो आप जो कर रहें हैं क्या ये सही है? ये पाप है! मैं आपकी अपनी सग़ी बहन हूँ! मैने कहा मैं जानता हूँ जान और शर्मिंदा भी हूँ पर मैं अपने आप पर काबू नही रख पा रहा हूँ और मेरा दिमाग़ काम नहीं कर रहा है मैं तुझे आज पाना चाहता हूँ पूरी तरह से एक औरत के रूप मैं केवल एक रात के लिये क्या तू ये भूल नहीं सकती की हम भाई बहन हैं और मैं तुझे पाने के लिये बेहद बेताब हूँ वो झटपटा रही थी मैं उसके सारे शरीर को अपने शरीर से रग़ड रहा था मैने अपने बायें हाथ (लेफ्ट हेंड) से उसके दोनो हाथ पकड़ लिये और दायें हाथ (राइट हेंड) उसकी साड़ी पेटीकोट मैं डाल दिया और उसकी चूत को टच करने की कोशिश करने लगा.

इस बीच मैं लगातार उसके मिल्की बूब्स को चूसता रहा वो लगातार रोये जा रही थी लेकिन मेरी इच्छा उसकी जवान चूत को पाने के लिये बेहद बेताब हो रही थी मैने हाथ बढ़ा कर उसके पेटिकोट के उपर से उसकी गांड को उठाया और अपने लंड का एहसास उसकी चूत को करा दिया मेरी बहन समझ चुकी थी की मेरे चंगुल से निकलना मुश्किल ही नहीं ना मुमकीन है तो उसने अपना रोना धोना कम कर दिया और अपने शरीर को ढीला छोड़ दिया मेरे लिये जैसा की मैं चाहता था फिर उसने बड़ी शांति से कहा ठीक है भैया आप मेरा दूध पीना चाहते हो लो पियो लेकिन प्लीज़ मेरे साथ सेक्स मत करना उसने एक तरह से चूचीयां मेरे मुँह मैं ठूंस दी लो मेरा सारा दूध पी लो अब आपको शान्ति मिल गयी भैया मैने कहा हाँ रूपा लेकिन अब मैं और भी कुछ करना चाहता हूँ वो गिड़गिडाने लगी नही भैया प्लीज़ मेरी चुदाई मत करना मैं माहवारी के पीरियड (एम.सी) मैं चल रही हूँ कहीं प्रेग्नेट हो गयी तो प्रोब्लम हो जायेगी.

कोई बात नहीं अगर प्रेग्नेंट हो गयी तो मैं गर्भपात करवा दूँगा लेकिन आज मैं अपना लंड तुम्हारी छोटी चूत मैं ज़रूर डालूँगा बस अब अपनी चूत के दर्शन करवा दो मेरी जान मैने बेशर्मी से कहा और रूपा अचानक से उसने हार मान ली और अपनी आँखे बंद कर ली और अपनी जांघे खोल दी मैने तुरंत अपना हाथ उसके पेटीकोट मैं डाल दिया और अपनी प्यारी रूपा की झाटो को चूमने लगा और पेटीकोट का नाडा तोड़ के उसकी साड़ी और पेटिकोट फेंक दिया वो मेरे सामने पूरी मादरजात नंगी अवस्था मैं पड़ी थी मेरी बहन की जवान चूत काले-काले बालो( झांटे) के जंगल के बीच में थी उसने शर्म और उतेज़ना से अपना चेहरा ढक लिया और मैं उसकी प्यारी चूत पर अपना हाथ फेरने लगा उसके मुलायम-मुलायम बालो के बीच मैने चूत का मुँह ढूंढ लिया और उठी हुई चूत मैं उसका दाना ढूंढ लिया और उसके साथ छेड़छाड करने लगा मेरी उंगली करने से रूपा ने अपनी गांड उठाई एक उत्सुकता और बेशर्मी के साथ.

मैने धीरे से रूपा की चूत को सूँघा एक तीखी गंध का मुझे आभास हुआ मैने अपना मुहँ उसके बालों से भरी चूत पर मारा और बालों से भरी चूत को चूम लिया और उसके काले उलझे बालों के साथ खेलने लगा जब मेरी जीभ की नोक उसकी चूत के दाने पर गयी तो आनन्द और उतेज़ना से उसके सारे शरीर मैं एक कपकपी (सिरहन) सी दौड़ गयी मैं उसकी चूत का शहद रस पीने लगा और उसकी चूत को अपनी जीभ से चूसना शुरू कर दिया इस आनन्द की लहरों से उसने अपना सर इधर उधर पटकना शुरू कर दिया ऊऊऊआआआ…. ओह…… भैया…आ…….और अपने चुत्तड उठा-उठा कर अपनी योनि को मेरे मुहँ से रगड़ने लगी और अपने आनन्द के शिखर पर पहुँच गयी और मेरे मुहँ मैं एक गहरा जोर का धक्का दिया और उसकी योनि के अन्दर का बाँध टूट गया उसकी चूत से छूटे पानी से मेरा सारा चेहरा नहा गया.

मैं कुछ और देर उसकी चूत को अपने मुहँ मैं लिये रहा जब तक की वो पूरी तरह से गर्म ना हो जाये मैं रूपा को देख कर मुस्कुराया उसने शर्म से अपना मुहँ ढक लिया मैने उसके हाथ मुँह से हटा कर उसे पागलो की तरह चूमने लगा रूपा अभी भी गर्म थी वो शरमाते हुये धीरे से फुसफुसा के एक आनन्द भरी आवाज़ मैं….ओह…. भैया..आहा… मैने उसकी जांघो को खोला और उसके घुटनो को उसके कंधे से लगा दिया अब उसके बालों से भरी चूत ठीक मेरे सामने थी मेरी मासूम बहन रूपा कितनी अश्लील लग रही थी एक रंडी की तरह मैने अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर टिकाया.

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