हाय क्या बूब्स थे रूपा के-4


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hindi sex kahani: मेरा लंड धीरे- धीरे उसकी चूत की तरफ लपका वो कुछ असहज सा महसूस कर रही थी जब मैने एक धक्का दिया तो वो दर्द से चिल्लाई मैने पूछा क्या हुआ रूपा डार्लिंग अरे दर्द हो रहा है क्या वो बोली हाँ भैया बहुत दर्द हो रहा है आप प्लीज़ मेरे को थोड़ा 2 मिनिट रिलेक्स होने का समय दो फिर मैं आपका पूरा लंड अन्दर ले लूँगी उसकी आखों मैं आंसू थे मैने उसे चूमा और उस पर झुक कर उसके निपल चूसने लगा जब मैने देखा मेरी बहन ठीक हो गयी है मैने एक ज़ोर का झटका दिया और जबरदस्ती अपना लंड उसकी चूत मैं उतार दिया लंड चाकू की तरह उसकी चूत की गहराई मैं चला गया मेरी छोटी बहन की चूत टाइट थी वो चिल्लाई… आआहा… भैया…. थोड़ा धीरे-धीरे से करो आपकी छोटी बहन हूँ मैं फिर धीरे- धीरे चूत मैं धक्के देने लगा.

मैने चोदते चोदते रूपा से पूछा ऐसे ही तुम्हारा पति तुम्हे चोदता होगा वो शरमाते हुये बोली नहीं भैया ! तो वो कैसे चोदता था तुम्हे. तो उसने जवाब दिया ठीक है वेसे एक अच्छा पति था लेकिन उसका लंड बहुत ही छोटा सा था और वो 10 सेकेंड मैं ही झड़ जाता था अब मैने एक बार फिर उसकी जांघो को चोडा किया और उसके पैर को उसके सर के पास लगाया उसका पूरा शरीर मुड़ गया था और उसकी चूत सबसे उपर आ गयी थी और मेरा लंड लगातार उसकी चूत मैं पंपिंग कर रहा था। ए.सी चलने के बावजूद रूपा पसीने से पूरी तरह भीग चुकी थी उसने फिर अपनी चूत के होठों को खोला जिससे मेरा लंड और आराम से उसकी चूत मैं जा सके खुशी, उत्तेजना और आनन्द से उसके विधवा शरीर मैं एक लहर सी उठी और मैं लगातार उसकी चूत मैं लंड पेल रहा था.

मैने थोड़ा बेशर्मी से रूपा से पूछा जब तुम्हारा पति तुम्हे चोदता था क्या तब भी तुम इस तरह से गांड उठा-उठा कर लंड लेती थी और कितनी बार वो तुम्हे चोदता था वो बोली हाँ भाई लेकिन रोज़ नहीं वो मुझे कोई 10-15 दिनो मैं ही चोद पाता था मेरा लंड उसकी चूत की गहराई मैं छेद कर रहा था और रूपा के मुहँ से आह आऐईईइ हाह्ह्ह्हह की आवाज निकल रहीं थी वो मोनिंग कर रही थी और वो अपने होठों को काटने लगी मैं समझ गया की मेरी बहन ऑर्गॅज़म (चरम सुख) के करीब है मैने अपने लंड से ज़ोर- ज़ोर के शॉट मार रहा था उसने अपनी चूत से मेरा लंड कसना शुरू कर दिया और उसकी योनि सुकड़ने लगी (योनि संकुचन) मैने फिर अपने लंड मैं एक अंगड़ाई ली और रूपा से पूछा क्या वो तुम्हे संतुष्ट कर देता था और तुम्हे चरम सुख (ऑर्गॅज़म) मिलता था उसने जबाब दिया नही भैया.

मेरा पति जब भी चोदता था एक तो उसका लिंग बहुत छोटा था 2 साल की शादी मैं मुझे कोई 2-3 बार ही वो मुझे चरम सुख (ऑर्गॅज़म) दे पाया था रूपा ने अपने होठों को काटते हुये अपना ध्यान अपने ऑर्गॅज़म (चरम सुख) पर किया मै भी अब और ज़ोर– ज़ोर से धक्के देने लगा उसने मुझे अपनी बाहों मैं भर लिया और वो अपने चुत्तड उठा– उठा कर अपनी चूत मेरे लंड से रगड़ने लगी अपनी पूरी ताक़त से अचानक उसकी चूत ने मेरे लंड को जकड़ लिया और फिर उसे ऑर्गॅज़म (चरम सुख) हुआ वो पूरी गीली हो गयी और धीरे-धीरे हाफने लगी उसकी सिस्कारियों (मोनिंग) की आवाज़ तेज होने लगी और मेरी पीठ मैं उसने अपने नाख़ून गडा दिये और उसका ऑर्गॅज़म कोई 1 मिनिट तक चला और पूरे समय वो चिल्लाती रही आनन्द में और अंत मैं वो थक के बेदम हो कर बिस्तर पर गिर गयी.

थोड़ी देर मैं उसे होश आया और बोली भैया अब आपके सुख की बारी है मैने कहा नहीं रूपा मैं तुम्हारी चूत मैं नहीं झडूगा मैं तुम्हे प्रेग्नेंट नहीं करना चाहता हूँ तुम चाहो तो हम ओरल कर लेते हैं वो बोली नहीं भैया मैं चाहती हूँ आज आप मेरी चूत को अपने रस से भर दो और मेरे अन्दर ही अपने वीर्य रस की पिचकारी छोड़ो आप तो अपनी बहन को पाना चाहते थे अब तो मेरा शरीर आपका ही है अब मैं अपने ताकतवर भाई का कीमती बीज़ अपनी बच्चेदानी मैं चाहती हूँ भैया आज रात मुझे ज़ोरों से चोदो मुझे और भर दो अपनी बहन की चूत अपने पानी से और मेरे शरीर को जी भर के दबाव और चूसो ऐसा कहा कर उसने अपनी चूत मैं मेरा लंड जकड़ लिया और मैने फिर उसकी चूत की गहराई मैं सूपर ऑर्गॅज़म परम आनंद पाया.

आज अपनी बहन की चूत में मेरे वीर्य की पिचकारी उसकी बच्चेदानी पर जा कर पड़ी और मेरे गाढे गाढे वीर्य से मैने उसकी योनि तृप्त कर दी और फिर निढाल हो कर उस पर गिर गया वो धीरे से बोली हाँ भैया आप अब खुश हो अपनी छोटी बहन की चूत मैं अपना बीज डाल कर? मैने कहा हाँ जान तुम सच में बहुत प्यारी हो और उससे ज़्यादा प्यारी तुम्हारी चूत है जिसने मेरा लंड पंप की तरह चूस लिया और मैने उसका माथा चूम लिया फिर वो बोली मुझे उम्मीद है ये हमारा आखरी बार होगा आफ्टर ऑल मैं आपकी छोटी बहन हूँ क्या होगा जब लोगो को इसके बारे मैं पता चलेगा मैं बोला पागल मत बनो हम दोनो को आज कितना आनन्द मिला और हम दोनो ने एक दूसरे से कितना सुख प्राप्त किया.

तुम एक विधवा हो और मैं एक विधुर लेकिन इससे पहले तुम एक जवान लड़की हो और मैं एक मर्द और तुम्हे रोज़ एक मजबूत लंड चाहिये अपनी चूत के लिये जो तुम्हे रोज़ मजबूती से चोदे और आज के बाद तुम मेरी बहन ही नहीं बल्कि मेरी प्रेमिका भी हो मैं तुम्हारे बिना नहीं रहा सकता वो बोली भैया रह तो मैं भी आपके बिना नहीं सकती लेकिन बहन भाई मैं ये सब पाप है किसी को पता चला तो फिर क्या होगा मैने शरारत भरी मुस्कान से पूछा! तुम्हे पता है तुम्हारे पड़ोस मैं कौन रहता है? वो बोली नहीं तुम्हारे नीचे? उसने ना मैं सर हिलाया या उन्हे पता है की हम दोनो के बीच मैं क्या रिश्ता है वो बोली नहीं तो पगली फिर किस से डरना आज से हम दोनो पति पत्नी हैं जो एक दूसरे से बेहद प्यार करते हैं बस यही हमारा रिश्ता है क्या तू मेरी वाइफ बनेगी रूपा शरमाते हुये बोली ओके भैया जैसी आपकी मर्ज़ी.

मैने अपनी दो उंगलियाँ उसकी वीर्य से(सीमेन) भरी चूत मैं डाल दी और हल्का सा धक्का दिया और बोला आज मेरी प्यारी बहन मेरी मालकिन भी बन गयी आज से ये तेरा जवान शरीर मेरे लिये है तेरे अपने भाई के सुख के लिये और आज के बाद प्लीज़ अपने इन बालों (प्यूबिक हेयर) को कभी शेव नहीं करना मैं चाहता हूँ ये बाल और बड़े हों और चूत के साथ गांड पेट सब जगह फैल जायें और आज मैं तेरी गांड अपने शहद रस से भरना चाहता हूँ ठीक है भैया आपको खूब बाल चाहिये मेरे वहाँ पर तो अब मैं कभी वहाँ के बालों को शेव नहीं करूँगी आपके सुख के लिये और अब आप जब चाहो मेरे शरीर से मज़े ले सकते हैं आख़िर मैं हूँ तो आपकी ही बहन तो दोस्तों इस तरह से हम दोनों भाई बहन में एक अनोखा रिश्ता बन गया..

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