चूत की प्यास आखिर मैंने बुझा ही दी-1

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desi sex stories हैल्लो दोस्तों, सभी भाभियों लड़कियों आंटियों और सभी चूत वालियों को मेरे लंड का नमस्कार। दोस्तों अपनी एक और नयी सच्ची घटना को लेकर आया हूँ। दोस्तों भाभी के चले जाने के बाद हमारे पड़ोस में नयी पड़ोसन आई और मैंने उसको कैसे चोदा? अब आप सभी वो घटना पूरी तरह विस्तार से सुन लीजिए। दोस्तों अब तक मैंने करीब 10-12 लड़की और औरत की चूत चोद चुका हूँ, मैंने अब तक जितनी भी लड़कियों और औरतों को चोदा है, वो सब मेरे लंड की चुदाई से बहुत खुश हुई है और अब जब भी मौका मिलता है, वो सब दोबारा से अपनी चूत को चुदवाने के लिए खोल देती है और कहती है कि सैम आओ ना, बहुत दिन हो गये है तुम्हारे लंड के धक्के खाए हुए, प्लीज़ मुझे चोदो, मेरी चूत चोद-चोदकर भोसड़ा बना दो। फिर में भी मौका मिलते ही उनकी चूत चोदता हूँ और उनकी लंड की भूख को मिटाता हूँ। दोस्तों इनमे से कुछ औरतें हमारे पड़ोस में रहती है और मौका निकालकर मेरे घर आकर अपनी चूत को मेरे लंड से चुदवाकर भोसड़ा बनाती है।

फिर एक बार बहुत ही सुंदर करीब 24-25 साल की मेरी नयी पड़ोसन मुझे नजर आ गई, उसका नाम नेहा है, वो एक शादीशुदा औरत है और वो औरत इसलिए की वो वर्जिन नहीं, लेकिन शादीशुदा भी नहीं है। फिर वो जब भी किसी से बात करती तो मुस्कुराती रहती है, उसके बूब्स का आकार 36-25-38 है और उसकी लम्बाई करीब 5.5 इंच है। फिर कभी कभी जब में उसके घर या वो मेरे घर आती और जब मुझसे बातें करती है, तब वो अपनी साड़ी के ऊपर से ही अपनी चूत को सहलाती है, देखकर ऐसा लगता है कि जैसे उसकी चूत में हमेशा खुजली हो रही हो और वो लंड खाना चाहती हो। दोस्तों उसकी वो हरकते देखकर कभी-कभी तो मेरा मन भी करता है कि में उसको उसी समय पटककर अपना लंड उसकी चूत में डाल दूँ और उसकी कसकर जबर्दस्त चुदाई के मज़े लूँ जिसकी वजह से उसकी चूत की सारी गरमी शांत हो जाए। फिर वो जब भी चलती है तो उसकी कमर में एक गजब का बल आता है और उसकी चाल को देखकर किसी भी मर्द का लंड खड़ा हो जाता, क्योंकि नेहा बहुत ही सेक्सी लगती है। दोस्तों नेहा को कंप्यूटर चलाना आता है, लेकिन वो कंप्यूटर को चलाने में इतनी अनुभवी नहीं है, वो कभी-कभी मुझसे कंप्यूटर के बारे में पूछती रहती थी और में हमेशा उसको कंप्यूटर के बारे में बताता रहता और इस तरह से हम लोग बहुत पास-पास आ चुके थे।

एक दिन उसने मुझसे कॉपी और पेस्ट के बारे में पूछा, तब में उसकी कुर्सी के पीछे खड़े होकर उसको कॉपी और पेस्ट के बारे में बताने लगा था और उस समय हम लोग उसके कमरे में बिल्कुल अकेले थे। अब में नेहा की कुर्सी के पीछे से जाकर उसके चेहरे के पास अपना मुँह ले जाकर उसको कॉपी और पेस्ट के बारे में समझा रहा था। अब नेहा मेरे कहने के हिसाब से काम करने लगी थी, उसने पहले एक ब्लॉक को कट किया और फिर पूछने लगी कि अब कैसे पेस्ट किया जाना है? और वो अचानक से मेरी तरफ मुड़ी जिसकी वजह से उसके होंठ मेरे गाल से छु गये। अब नेहा सिर्फ़ मुस्कुराई और मैंने पीछे से उसको अपनी बाहों में ले लिया और उसकी गर्दन और गाल पर चुम्मा दे दिया। फिर में नेहा की चूत का मज़ा लेना चाहता था और मैंने उसको पूछा क्या घर में कोई नहीं है? तब उसने कहा कि रात तक आएँगे, सभी लोग शादी में गये है और इसलिए में घर में अकेली हूँ। फिर वो मेरे पास आई, मैंने उसको पकड़कर उसका दोबारा से चुम्मा ले लिया। अब मेरे चुम्मा लेने की वजह से वो गरम हो चुकी थी और वो झट से मुझसे लिपट गयी। फिर मैंने उसको और भी ज़ोर से अपने से लिपटा लिया और मैंने उसके बूब्स को उसकी साड़ी और ब्लाउज के ऊपर से पकड़ लिया था।

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अब नेहा इस वजह से छटपटाने लगी और वो मुझसे और ज़ोर से लिपट गयी। फिर मैंने तुरंत ही मौका पाकर अपनी पेंट की चैन को खोलकर अपना आठ इंच का खड़ा लंड उसके हाथों में पकड़ा दिया। फिर उसने पहले तो कुछ आनाकानी करना शुरू किया और फिर कुछ देर बाद मेरा खड़ा लंड अपने हाथों में ले लिया। अब उसको मेरा लंड देखने और पकड़ने से बहुत अच्छा लग रहा था, क्योंकि अभी तक उसकी चूत चुदी नहीं थी। फिर उसी समय मुझे घर का मुख्य दरवाजा खोलने की आवाज सुनाई दी, तब हम लोग अपने कपड़े ठीकठाक करके चुपचाप बैठ गये। अब मैंने देखा कि मेरी माँ उसके घर आ गयी और वो बोली कि नेहा कहाँ हो? में घबरा गया था और खिड़की से कूदकर तुरंत अपने घर पहुँच गया। फिर उसने अपने घर से अगले दिन मेरे मोबाईल पर फोन किया और कहा कि आज घर पर कोई नहीं है, बस उसकी छोटी बहन है, तुम आओगे ना? तब मैंने अपने सब काम खत्म करके नेहा को फोन किया, उसकी छोटी बहन ने फोन उठाया, मैंने उसको फोन पर बुलाया और वो फोन पर आ गयी। फिर उसने मुझसे पूछा कि कहाँ हो? तब मैंने कहा कि में इस समय फ्री हूँ और इसलिए में तुमको फोन कर रहा हूँ।

फिर मैंने उसको पूछा कि तुम क्या कर रही हो? तब उसने बताया कि वो मुर्गा बना रही है। फिर उसने मुझसे पूछा क्या तुम मेरे घर पर दोपहर का खाना खाओगे? तब मैंने झट से हाँ कह दिया और में नेहा के घर चला गया। फिर मैंने नेहा के घर की घंटी को बजाया, तब उसकी बहन ने दरवाजा खोला और उसकी छोटी बहन मुझे बैठक वाले कमरे में बैठाकर अपनी दीदी को बुलाकर अपने कमरे में जाकर टी.वी देखने लगी। फिर नेहा मेरे पास आई और मुझे उसने ठंडा पीने को दिया, मैंने ठंडा नेहा के हाथ से लेते समय उसके हाथ को अपने हाथ में लेकर धीरे से दबा दिया। फिर नेहा ने धीरे से कहा कि प्लीज़ अभी कुछ मत करो, मेरी बहन घर पर है और वो कभी भी इस कमरे आ सकती है। अब वो अपनी बहन के कमरे में गयी और उसको किसी बहाने से उसने पास की दुकान से कुछ लाने के लिए भेज दिया। फिर जैसे ही उसकी बहन दुकान के लिए घर से निकली, तब वो नेहा मेरे पास आ गयी और मुझसे लिपट गयी और वो मुझे पागलों की तरह चूमने लगी। फिर मैंने भी नेहा को अपने से लिपटा लिया और में उसके गोरे गालों को चूमने लगा और उसके बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से मसलने लगा।

अब नेहा भी गरम होकर अपना एक हाथ मेरी पेंट की चैन के पास लाकर मेरे लंड को अपने हाथों से सहलाने लगी थी और मेरी आँखों में झाककर मुस्कुराते हुए बोली कि कैसे हो बाबू जी? कुछ हो रहा है क्या? तब में उसको बोला कि यह बंदा अब आपका गुलाम है, आप जो चाहे करो जी। फिर नेहा धीरे से मुस्कुराकर अपने हाथों से मेरे लंड को मेरी पेंट ऊपर से मसलने लगी और बोली कि हाँ में भी अब आज से बस तुम्हारी ही हूँ और इसलिए मुझे चूमना और मेरे बूब्स को मसलना यह सब तेरा काम है। फिर वो मुझसे बोली कि प्लीज़ मेरे बूब्स को और ज़ोर से दबाओ, मुझे बहुत मस्त मज़ा आ रहा है, मुझे एक अजीब सा नशा आ रहा है, हाँ तुम मेरे बूब्स को ऐसे ही दबाते रहो और अब मेरी चूत में कुछ-कुछ हो रहा है, तुम्हारा तो लंड भी अब खड़ा हो गया है। अब तुम इसका क्या करोगे? तब मैंने उसको चूमते हुए कहा कि हाँ में तुम्हारे बूब्स को दबाते-दबाते बहुत गरम हो गया हूँ और इसलिए मेरा लंड खड़ा हो गया है और अब में तुम्हे बिना चोदे नहीं छोड़ सकता हूँ। अब तुम जल्दी से अपने कपड़े उतारकर पूरी नंगी हो जाओ और बिस्तर पर अपने दोनों पैरों को पूरा फैलाकर लेट जाओ, क्योंकि में अब अपना लंड तुम्हारी चूत में डालना चाहता हूँ और अपने लंड को शांति देना चाहता हूँ।

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16 thoughts on “चूत की प्यास आखिर मैंने बुझा ही दी-1”

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