दरार को तिरछी नज़र से देखा-3

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Antarvasna: फिर जब में वापस आया तो मैंने उससे कहा कि अब तुम भी नहा लो और तुम्हारे जो नए कपड़े है उनको पहन लो और तैयार हो जाओ। तो वो बोली कि ठीक है साहब और मैंने उससे कहा कि तुम अपनी चूत के बाल भी साफ कर लेना और मैंने रेज़र वहीं पर रखा है। फिर वो बोली कि ठीक है साहब और नहाने चली गई और में वहीं पर बैठा उसका इंतजार कर रहा था। फिर करीब 20 मिनट के बाद वो नहाकर बाहर आई और जब वो बाहर आई तो उसके बाल खुले थे और उसको देखकर कोई भी यह नहीं कह सकता था कि वो एक काम वाली बाई है और मैंने उससे कहा कि तुम तो बहुत सुंदर लग रही हो और में जब उसके पास गया तो उसके पास से बहुत अच्छी खुशबू आ रही थी और बाई वाली बदबू उससे बहुत दूर जा चुकी थी और मैंने उसको अपनी गोद में उठा लिया और किस करने लगा। फिर जब मैंने उसको छोड़ा तो वो बोली कि साहब मुझे खाना भी तो बनाना है? तो मैंने उससे कहा कि ठीक है तुम तब तक खाना बनाओ और जब तक में आईसक्रीम लेकर आता हूँ और फिर में वहां से हम दोनों के लिए आईसक्रीम लेने निकल गया और वो भी खाना बनाने किचन में चली गई। फिर में करीब 20 मिनट के बाद आया तो उस टाईम तक उसका काम भी बस खत्म ही हो रहा था और में सीधे किचन में गया और उसको जाकर पीछे से पकड़ लिया और वो रोटी बना रही थी और वो एकदम से डर गई।

फिर हम लोगों ने साथ में खाना खाया और फिर जब हमारा खाना पीना खत्म हो गया तो मैंने उससे कहा कि चलो टी.वी देखते देखते आईसक्रीम खायेगें। तो वो बोली कि साहब आप चलो में बस 5 मिनट में आती हूँ और फिर मैंने कहा कि ठीक है और में बाहर कमरे में जाकर बैठ गया। तो करीब 5 मिनट के बाद वो आई और आईसक्रीम भी साथ में लेकर आई और उसने कहा कि साहब अब क्या करना है? तो मैंने उसको अपने पास बैठा लिया और फिर मैंने उसको एक किस किया और बोला कि अब हम एक साथ आईसक्रीम खायेगें और फिर उसने एक प्लेट में आईसक्रीम निकाली और फिर मैंने उसके हाथ में से आईसक्रीम ले ली और में उसको किस करने लगा और फिर थोड़ी देर तक उसको किस करता रहा और में उसके बूब्स को धीरे धीरे से मसलने दबाने लगा.. तो उसने अपनी दोनों आँखें बंद कर ली। फिर मैंने उससे कहा कि जब तक में ना कहूँ तुम आँखें बंद ही रखना.. समझी? वरना तुम शर्त हार जाओगी। तो वो बोली कि ठीक है साहब और वो शरमाते हुए आँखें बंद करके खड़ी थी।

तभी मैंने देखा कि उसके गाल धीरे धीरे लाल हो रहे थे और होंठ काँप रहे थे और उसने दोनों हाथों को सामने अपनी जवान चूत के पास समेट रखा था.. मैंने हल्के से पहले उसके माथे पर एक छोटा सा चुंबन किया.. लेकिन अभी मैंने उसे छुआ भी नहीं था.. उसकी दोनों आँखें बंद थी। फिर मैंने उसकी दोनों पलकों पर बारी बारी से चुंबन किया फिर मैंने उसके गालों पर आहिस्ता से बारी बारी से चूमा.. उसकी आँखें बंद थी.. लेकिन इधर मेरा लंड तनकर लोहे की तरह खड़ा और सख़्त हो गया था। फिर मैंने उसकी गर्दन पर चुंबन लिया और अब उसने आँखें खोली और सिर्फ़ पूछते हुए कहा कि साहब? तभी मैंने कहा कि शांति शर्त हार जाओगी आँखें बंद रखो। तो उसने झट से आँखें बंद कर ली और में समझ गया कि लड़की तैयार है बस अब मज़ा लेना है और चुदाई करनी है और मैंने अबकी बार उसके थिरकते हुए होठों पर हल्का सा चुंबन किया.. अभी तक मैंने उसे छुआ नहीं था। तो उसने फिर से आँखें खोली और मैंने हाथ के इशारे से उसकी पलकों को फिर ढक दिया और अब में आगे बढ़ा उसके दोनों हाथों को सामने से हटाकर अपनी कमर के चारों तरफ घुमाया और उसे अपनी बाहों में समेटा और उसके काँपते होठों पर अपने होंठ रख दिए और चूमता रहा और कसकर चूमा।

अब की बार क्या नरम होंठ थे मानो शराब के प्याले हों। मैंने होठों को चूसना शुरू किया और उसने भी जवाब देना शुरू किया। उसके दोनों हाथ मेरी पीठ पर घूम रहे थे और में उसके गुलाबी होठों को बहुत ज़ोर ज़ोर से चूस चूसकर मज़ा ले रहा था। तभी मुझे महसूस हुआ कि उसकी चूचियाँ जो कि तन गयी थी.. मेरे सीने पर दब रही हैं और बाएँ हाथ से में उसकी पीठ को अपनी तरफ दबा रहा था.. जीभ से उसकी जीभ और होठों को चूस रहा था और दाएँ हाथ से मैंने उसकी साड़ी के पल्लू को नीचे गिरा दिया। फिर मेरा हाथ अपने आप उसकी दाईं चूची पर चला गया और उसे मैंने ज़ोर से दबाया। वाह क्या बूब्स थे? मलाई थे बस मलाई और अब मेरा लंड फूँकारे मार रहा था। तो बाएँ हाथ से मैंने उसके चूतड़ को अपनी तरफ दबाया और उसे अपने लंड को महसूस करवाया.. दोस्तों शादीशुदा लड़की को चोदना बहुत आसान होता है क्योंकि उन्हे सब कुछ आता है और बिल्कुल भी घबराती नहीं हैं। फिर ब्रा तो उसने पहनी ही नहीं थी और ब्लाउज के बटन पीछे थे। मैंने अपने हाथों से उन्हे खोल दिया और ब्लाउज को उतार फेंका दोनों बूब्स जैसे क़ैद थे एकदम उछलकर हाथों में आ गए.. एकदम सख्त.. लेकिन मलाई की तरह प्यारे भी। तो मैंने साड़ी को खोला और उतार फेंका बस अब बचा भी क्या था? वो खड़ी नहीं हो पा रही थी और में उसे हल्के हल्के खीचते हुए अपने बेडरूम में ले आया और लेटा दिया और अब मैंने कहा कि शांति रानी अब तुम आँखें खोल सकती हो।


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