दरार को तिरछी नज़र से देखा-4

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Desi kahani: तो वो शरमाते हुए बोली कि आप बहुत पाजी है साहब और उसने आँखें खोली और फिर बंद कर ली.. तो मैंने झट से अपने कपड़े उतारे और नंगा हो गया और मेरा लंड पहले से ही तनकर उछल रहा था.. मैंने उसका पेटीकोट जल्दी से खोला और खींचकर उतार दिया। तभी मैंने देखा कि उसने कोई पेंटी नहीं पहनी हुई थी और मैंने उसे बात करने के लिए कहा कि यह क्या तुम्हारी चूत तो नंगी है? क्या तुम पेंटी नहीं पहनती? तो उसने शरमाते हुए कहा कि नहीं साहब.. सिर्फ़ एम.सी में पहनती हूँ और साहब पर्दे खींचकर बंद करो ना.. बहुत रोशनी है। तो मैंने झट से पर्दों को बंद किया जिससे थोड़ा अंधेरा हो गया और उसके ऊपर लेट गया.. उसके होठों को कसकर चूमा.. दोनों हाथों से चूचियाँ दबाई और एक हाथ को उसकी चूत पर घुमाया तो उसकी चूत पर छोटे छोटे बाल बहुत अच्छे लग रहे थे और थोड़ा सा नीचे आते हुए उसके बूब्स को मुँह में ले लिया। वाह क्या रस था? लेकिन बस मज़ा बहुत आ रहा था। अपनी एक उंगली को उसकी चूत की दरार पर घुमाया और फिर उसकी चूत में घुसाया। उंगली ऐसे घुसी जैसे मक्खन में छुरी.. चूत गरम और गीली थी और उसकी सिसकियाँ मुझे और भी मस्त कर रही थी।

फिर मैंने उसे छेड़ते हुए कहा कि शांति रानी अब बोलो क्या करूँ? तो वो बोली कि साहब अब और मत तड़पाओ.. बस अब कर दीजिए.. उसने सिसकियाँ लेते हुए कहा। तो मैंने कहा कि ऐसे नहीं बोलना होगा मेरी जान। तो उसने मुझे अपने करीब खींचते हुए कहा कि साहब डाल दीजिए ना। तो मैंने थोड़ी शरारत से कहा कि क्या डालूं और कहाँ पर डालूं? दोस्तों चुदाई का मज़ा सुनने में भी बहुत है। फिर वो बोली कि डाल दीजिए ना अपना यह लंड मेरे अंदर और मेरे होठों से अपने होंठ चिपका दिए और इधर मेरे हाथ उसकी चूचियों को मसलते ही जा रहे थे.. कभी जोर से दबाते, कभी मसलते, कभी में चूचियों को चूसता, कभी उसके होठों को चूसता और अब मैंने कह दिया कि हाँ रानी और अब मेरा यह लंड तेरी चूत में घुसेगा.. बोलो क्या चोद दूँ? वो बोली कि हाँ हाँ चोद दीजिए साहब.. बस जल्दी से चोद दीजिए और वो एकदम गरम थी। फिर क्या था.. मैंने लंड उसकी चूत पर रखा और एक ज़ोर का धक्का देकर घुसा दिया अंदर वो एकदम ऐसे घुसा जैसे चूत मेरे लंड के लिए ही बनी थी।

दोस्तों.. फिर मैंने हाथों से उसकी चूचियों को दबाते हुए होठों से उसके गाल और होठों को चूसते हुए चोदना शुरू किया और बस चोदता ही रहा और मेरा ऐसा मन कर रहा था कि चोदता ही रहूं और मैंने बहुत ज़ोर ज़ोर से चोदा। चोदते चोदते मन ही नहीं भर रहा था.. क्या चीज़ थी यारों? बड़ी मस्त थी.. उछल उछलकर चुदवा रही थी। फिर वो बोली कि साहब आप बहुत अच्छा चोद रहे हैं.. चोदो और चोदो.. चोदना बंद मत कीजिए और उसके हाथ मेरी पीठ पर कस रहे थे। उसने दोनों पैर मेरी चूतड़ पर घुमा रखे थे और चूतड़ से उछल रही थी और चुदवा रही थी और में पूरे जोश से चोद रहा था। में भी उसके कहने से भी रुक ना सका और बोला कि शांति रानी तेरी चूत तो चोदने के लिए ही बनी है रानी क्या चूत है? बहुत मज़ा आ रहा है और बोल ना कैसी लग रही है मेरी यह चुदाई? साहब रुकिये मत.. बस चोदते रहिए और चोदो और ज़ोर से चोदो। इस तरह हमने ना जाने कितनी देर तक मज़े लेते हुए बहुत कस कसकर चोदते हुए झड़ गये.. क्या चीज़ थी? शायद एकदम चोदने के लिए ही बनी थी दोस्तों.. मन भरा ही नहीं था। तो 20 मिनट बाद मैंने फिर से अपना लंड उसके मुँह में डाला और बहुत देर तक चुसवाया। हमने 69 पोज़िशन ली और जब वो लंड चूस रही थी तो मैंने उसकी चूत को अपनी जीभ से चोदना शुरू किया। दोस्तों बड़ी अजीब सी बात है ना.. किसी दूसरी औरत को चोदने में बड़ा मज़ा आता है और खासकर दूसरी बार तो इतना मज़ा आया कि में बता ही नहीं सकता? क्योंकि में अबकी बार बहुत देर तक चोदता रहा और लंड को झड़ने में बहुत समय लगा और मुझे और उसे भरपूर मज़ा देता रहा।

फिर कपड़े पहनने के बाद मैंने कहा कि शांति रानी बस अब चुदवाती ही रहना है वरना यह लंड तुम्हे तुम्हारे घर पर भी आकर चोदेगा। तो वो बोली कि साहब आपने इतनी अच्छी तरह चुदाई की है। में भी अब हर मौके पर आपसे ही चुदवाऊंगी.. चाहे आप पैसे ना भी दो तो भी चलेगा। फिर कपड़े पहनने के बाद भी मेरे हाथ उसकी चूचियों को हल्के हल्के मसलते रहे और में उसके गालों और होठों को चूमता रहा। एक हाथ उसकी चूत पर चला जाता था और हल्के से उसकी चूत को दबा देता था। फिर वो बोली कि साहब अब मुझे जाना होगा और यह कहकर वो उठी तो मैंने उसका हाथ अपने लंड पर रखा और कहा कि रानी एक बार और चोदने का मन कर रहा है.. कपड़े नहीं उतारूँगा। दोस्तों सच में लंड खड़ा हो गया था और चोदने के लिए में फिर से तैयार था और मैंने उसे झट से नीचे लेटाया साड़ी उठाई और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया.. अब की बार खचाखच चोदा और कसकर चोदा और बहुत चोदा और चोदता ही रहा। चोदते चोदते पता नहीं कब लंड झड़ गया और मैंने कसकर उसे अपनी बाहों में कस लिया और फिर लंड ऐसे ही डाले रहा ।।


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