हम दोनों की चूत-2

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सुनील : हैल्लो पल्लवी।

पल्लवी : हाय जानू कैसे हो? और इतनी रात गये मुझे कैसे याद किया क्या भाभी घर पर नहीं है?

सुनील : नहीं यार तुम्हारी भाभी को तुम्हारे बारे में सब कुछ पता चल गया है।

पल्लवी : क्या? फिर तो में मर गई।

सुनील : अरे तुम्हे कुछ नहीं होगा डरो मत.. तुम्हारी भाभी ने मुझे बोला कि उसको फोन करो तो इसलिए मैंने अभी तुम्हे कॉल किया।

में : हैल्लो पल्लवी कैसी हो?

पल्लवी : भाभी नमस्ते।

में : क्यों पल्लवी मेरी पीठ पीछे यह सब क्या चल रहा है?

पल्लवी : मुझे माफ़ करना भाभी.. लेकिन में सुनील भैया से बहुत प्यार करती हूँ और मैंने तो उनसे शादी भी कर ली है.. लेकिन आपके डर की वजह से में कभी आपके सामने नहीं आ पाती हूँ।

में : क्या तुम सच्चे दिल से सुनील को प्यार करती हो?

पल्लवी : हाँ अगर वो कहे तो में तो उनके लिए अपनी जान भी दे सकती हूँ।

में : तो पल्लवी तुम अभी एक काम करो अपना समान पेक करो और सुनील तुम्हे लेने आ रहा है। तुम अब हमारे साथ यहाँ पर रहोगी और अगर तुम्हे कोई प्राब्लम है तो बताओ?

पल्लवी : क्या सच भाभी? में आपकी बहुत आभारी रहूंगी और भाभी आप जो कहोगी में वो सब करूँगी आपकी नौकरानी बनकर रहूंगी.. प्लीज आप मुझे सुनील से अलग मत करना।

में : अरे नहीं.. वो मेरे पति है और जब तुमने भी उनसे शादी की है तो वो तुम्हारे भी पति हुए तो हम दोनों एक पति की पत्नी बनकर रहेंगे ठीक है.. तुम तैयार हो जाओ में उनको तुम्हें लेने के लिए भेजती हूँ.. बाय बाय।

फिर एक घंटे के बाद सुनील पल्लवी को साथ में लेकर घर पर आ गया और मैंने पल्लवी का आरती की थाली लेकर स्वागत किया और बोला कि आज से हम दोनों एक दूसरे की सौतन हुई.. लेकिन हम दोनों दो बहनों की तरह सुनील की सेवा करेंगी और वो हम दोनों का साथ देगा क्यों ठीक है? फिर मैंने पल्लवी को बोला कि तुम बाथरूम में जाओ और नाहकर आ जाओ आज तुम्हारी सुहागरात है और इससे पहले तो तुम बहुत बार अपनी सुहागरात मना चुकी हो.. लेकिन तुम्हारी असली सुहागरात आज ही है।

फिर मैंने उन दोनों के लिए सुहागरात की सेज तैयार की और फिर वो जब नहाकर बाहर निकली तो मैंने उसे शादी का लाल जोड़ा पहनने के लिए दिया और उसे दुल्हन की तरह तैयार किया और सुनील को बोला कि तुम अब उसकी माँग भरो और मंगलसूत्र पहनाओ। तो सुनील ने उसकी माँग में सिंदूर भरा और मंगलसूत्र पहना दिया। पल्लवी ने सुनील के और मेरे पैर छुए और हम दोनों से आशिर्वाद लिया। तभी पल्लवी ने बोला कि भाभी आप भी तैयार हो जाओ ना आज हम सब मिलकर सुहागरात मनाएँगे। तो मैंने बोला कि पागल आज तू मना हम सब कल से एक ही रूम में एक ही बेड पर सोएंगे और आज में गेस्ट रूम में जाकर सोती हूँ। तो में सोने के लिए चली गई और में बाहर से तो बहुत खुश नजर आ रही थी.. लेकिन अंदर से बहुत दुखी थी। मेरे मन में यही बात खाए जा रही थी कि आज से मेरे पति का प्यार आधा हो जाएगा और ऐसे ही सोचते सोचते मुझे पता ही नहीं चला कब मुझे नींद आ गई और में सो गई।

फिर सुबह जब में सुनील को चाय देने के लिए उसके कमरे में गई तो मैंने देखा कि वो दोनों पूरे नंगे होकर एक दूसरे से लिपट कर सोए हुए है और सुनील का लंड अभी तक पल्लवी की चूत के अंदर ही था और एक हाथ उसके बूब्स पर। तो मैंने दोनों को उठाया और चाय दी और हम सबने मिलकर चाय पी और पल्लवी नहाने चली गई। जब पल्लवी नहाने गई तो सुनील ने मुझसे पूछा कि क्या तुमने हम दोनों को माफ़ कर दिया है? तो मैंने बोला कि अगर मैंने माफ़ नहीं किया होता तो में पल्लवी को यहाँ पर नहीं बुलाती और तुम दोनों को अकेला चुदाई करने के लिए नहीं छोड़ती। तभी यह बात सुनकर सुनील ने खुश होकर मुझे गले लगाया और मुझे किस करने लगा। तो मैंने बोला कि आज से आपकी दो बीवियां है और आपको हम दोनों को खुश करना पड़ेगा। तो सुनील नाहकर ऑफिस चला गया। हम दोनों बैठकर बातें करने लगीं और प्लान करने लगी कि कैसे लाईफ को एन्जॉय किया जाए? और जब रात को सुनील ऑफिस से वापस घर आया तो हम दोनों उससे लिपटकर किस करने लगी। वो बहुत खुश होकर हम दोनों को बारी बारी किस करने लगा।

फिर हम सभी ने खाना खाया और सोने के लिए बेडरूम में आए.. मैंने और पल्लवी ने पारदर्शी गाऊन पहन लिया जो कि मुश्किल से कमर से थोड़ा नीचे था और हमारा बाकी जिस्म नंगा था और हम दोनों ने अंदर कुछ भी नहीं पहना था। फिर जब सुनील रूम के अंदर आया तो हम दोनों को इस तरह से देखकर बहुत खुश हो गया और में सुनील का एक हाथ पकड़ कर उसे चूमने लगी। तभी पल्लवी ने अचानक से उसका बरमूडा पकड़ा और खींचकर उसको नंगा कर दिया और उसके लंड को मुहं में लेकर चूसने लगी। तो सुनील ने अपनी एक ऊँगली मेरी चूत के अंदर डाली और ऊँगली करने लगा.. तभी उसने अपने हाथ की स्पीड बढ़ा दी और मुझे ज़ोर ज़ोर से ऊँगली करने लगा और फिर करीब 10 मिनट के बाद मेरी चूत से गरम पानी की नदी बहने लगी और मेरी चूत से निकला हुआ लावा जांघो से होता हुआ बेड पर गिरने लगा।

तभी सुनील बारी बारी से हम दोनों की चूत को फैलाकर अपनी जीभ से कुत्ते की तरह चाटने लगा और हमारा सारा रस पीने लगा और कहने लगा कि बीवी हो तो ऐसी। तो में सुनील का लंड मुहं में लेकर चूसने लगी तभी सुनील ज़ोर ज़ोर से मेरे मुहं में धक्के देने लगा और थोड़ी देर के बाद सुनील का सारा रस मेरे मुहं के अंदर चला गया। दोस्तों.. आज से पहले कभी भी मैंने उसके लंड को मुहं में नहीं लिया था और ना ही टेस्ट किया था.. लेकिन मुझे उसके लंड के रस का एक अजीब सा स्वाद मिला और फिर मैंने सारा रस पी लिया और हम दोनों बारी बारी उसका लंड चूसने लगे। फिर सुनील हम दोनों को लेटाकर चोदने लगा.. कभी मेरी चूत में तो कभी पल्लवी की चूत में अपना लंड डालने लगा और यह सब करते हुए हम दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था। उस रात हम लोगों ने 5 बार चुदाई करवाई।


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